शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर 11-दिसंबर -2020 - Vedic JyotishKrti Book Service Appointment
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शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर 11-दिसंबर -2020

ज्योतिषचक्रे तु लोकस्य सर्वस्योक्तम शुभाशुभम।
ज्योतिर्ज्ञानम तु यो वेद स याति परमां गतिम॥

अर्थात लोक में शुभ और अशुभ की बात कहना केवल ज्योतिष से हीं संभव है,वेद रूपी इस ज्योति ज्ञान की प्राप्ति वाले को परम गति की प्राप्ति होती है।
भृगु गोत्र के ब्राह्मण,कमल पर आसीन,श्वेत वर्ण वाले,चार हाथ वाले रुद्राक्ष,वर मुद्रा,शिला और दण्ड जिनके चारों हाथों में है,ऐसे शुक्र का दिनाँक 11-12-2020  को वृश्चिक  राशि में प्रवेश हो रहा है जिसे हम “शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर” की संज्ञा देते हैं।

गोचरे वा विलग्ने वा ये ग्रहारिष्टसूचका:।
पूजयेत्तान प्रयत्नेन पूजिता: स्युः शुभप्रदा:॥

अर्थात गोचर में जो ग्रह अरिष्टकारक हों,उनको प्रसन्न करने का प्रयत्न करना चाहिये।प्रसन्न होकर वे ग्रह शुभफलप्रद हो जाते हैं।शुक्र का वृश्चिक राशि में संचार 11-12-2020 को हो रहा है, और यह 03-01-2021 तक इस राशि मे रहेगा |आइये जानते है कि विभिन्न राशियों के लिए शुक्र का वृश्चिक राशि में संचार क्या फल प्रदान करेगा।

चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ

मेष– मेष राशि एवं लग्न वाले जातक के लिए द्वितीयेश एवं सप्तमेश शुक्र की गोचर से अष्टम भाव में उपस्थिति के परिणाम स्वरूप जातक के धन में वृद्धि होगी तथा साथ-साथ परिवार के लोगो के भी संचित धन में वृद्धि का योग बनेगा |कुटुम्ब के साथ सम्बंध मधुर रहेगा | सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी | आर्थिक वृद्धि में जीवन साथी का सहयोग प्राप्त होगा | मधुमेह एवं कफ जनित रोग से शारीरिक कष्ट हो सकता है | 11 दिसंबर से 13 दिसंबर शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा,इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है | इस अवधि मे कार्य मे सफलता प्राप्त होगी तथा भाग्य का सुख प्राप्त होगा |13 दिसंबर  से 24 दिसम्बर तक शुक्र अनुराधा नक्षत्र में रहेगा,इस नक्षत्र का स्वामी शनि है इस अवधि में कार्य क्षेत्र में प्रगति होगी तथा आय में वृद्धि होगी।24 दिसंबर से 4 जनवरी तक शुक्र ज्येष्ठा नक्षत्र मे रहेगा,इस नक्षत्र का स्वामी बुध है,इस अवधि मे मित्रो का सहयोग प्राप्त होगा तथा शत्रुओ पर विजय प्राप्त होगी |

 

इ, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वु, वे, वो

वृष– लग्नेश एवं षष्ठेश शुक्र की गोचर से सप्तम भाव में उपस्थिति के परिणाम स्वरूप कार्य में सफलता की प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ेगा | मधुमेह एवं जननेद्रिय से संबन्धित रोग से शारीरिक कष्ट हो सकता है |दाम्पत्य जीवन मे कलह पूर्ण वातावरण के कारण दांपत्य सुख मे कमी रहेगी।जीवन साथी को भी शारीरिक कष्ट हो सकता है |व्यवसाय मे नये प्रतिद्वंदी का सामना करना पड़ेगा | किसी अन्य स्त्री के प्रति आकर्षण बढ़ेगा जिसके कारण हानि हो सकती है तथा अपमान सहना पड़ सकता है | 11 दिसंबर  से 13 दिसम्बर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा ,इस नक्षत्र का स्वामी शनि है| इस अवधि में शारीरिक कष्ट हो सकता है।13 दिसंबर  से 24 दिसम्बर तक  शुक्र अनुराधा नक्षत्र मे रहेगा | इसका स्वामी शनि है | इस अवधि मे अनैतिक सम्बंध से बचकर रहे | इसके कारण धन हानि एवं अपमान हो सकता है | 24 दिसंबर से 4 जनवरी  तक शुक्र ज्येष्ठा नक्षत्र मे रहेगा | इस नक्षत्र का स्वामी बुध है | इस अवधि मे विद्या के  प्रभाव से धन लाभ हो सकता है |

 

का, की, कु, घ, ड, छ, के, को, हा

मिथुन– व्ययेश एवं प्ंचमेश शुक्र की गोचर से छ्ठवे भाव में उपस्थिति के कारण विद्या के प्रभाव से प्रभावित होकर शत्रु संधि करने के लिए विवश होंगे तथा शत्रुओ पर विजय प्राप्त होगी | भोग विलास मे खर्च अधिक रहेगा | जीवन साथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है | दांपत्य सुख मे कमी रहेगी | नेत्र विकार से कष्ट हो सकता है| 11 दिसंबर  से 13 दिसम्बर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा,इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है,इस अवधि में जीवन साथी से मतभेद हो सकता है।13 दिसंबर  से 24 दिसम्बर तक शुक्र अनुराधा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी शनि है, इस अवधि में साझेदारी के कार्य में हानि होगी.24 दिसंबर से 4 जनवरी तक शुक्र ज्येष्ठा नक्षत्र में रहेगा इस्क स्वामी बुध है इस अवधि में भूमि,वाहन का उत्तम सुख प्राप्त होगा।

ही,  ही, हे, हो, डा डी, डू, डे, डो

कर्क– आयेश एवं चतुर्थेश शुक्र की गोचर से पंचम भाव में उपस्थिति के परिणामस्वरूप पदोन्नति का अवसर प्राप्त होगा,आय में वृद्धि होगी वाहन सुख प्राप्त होगा ।इस अवधि में नव दंपति को सन्तान सुख की प्राप्ति का योग है।अन्न एवं धन में वृद्धि होगी अर्थात माँ अन्नपूर्णा एवं माता लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होगी,तथा ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी।11 दिसंबर  से 13 दिसम्बर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी गुरू है इस अवधि में आशा से अधिक कार्य में सफलता प्राप्त होगी।13 दिसंबर  से 24 दिसम्बर तक शुक्र अनुराधा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी शनि है इस अवधि में व्यवसाय से लाभ होगा,तथा दाम्पत्य जीवन सुखमय रहेगा। 24 दिसंबर से 4 जनवरी तक शुक्र ज्य्रेष्ठा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी बुध है इस अवधि में भोग-विलास में खर्च होगा एवं नये मित्र बनेंगे।

मा, मी, मू, मे मो, टा, टी, टू, टे

सिंह– दशमेश एवं तृतीयेश शुक्र की गोचर से चतुर्थ भाव में उपस्थिति के परिणामस्वरूप भौतिक सुख में वृद्धि होगी।वाहन आदि का उत्तम सुख प्राप्त होगा समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी जनता में संपर्क बढ़ेगा। पराक्रम के द्वारा कार्य क्षेत्र में मनोवांछित सफलता की प्राप्ति संभव है।इस अवधि में प्रत्येक मनोकामना की पूर्ति होगी।11 दिसंबर  से 13 दिसम्बर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है इस अवधि में सन्तान सुख की प्राप्ति होगी।तथा जन-संपर्क बढ़ेगा।13 दिसंबर  से 24 दिसम्बर तक शुक्र अनुराधा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी शनि है इस अवधि में दाम्पत्य सुख उत्तम मिलेगा।शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी।24 दिसंबर से 4 जनवरी तक शुक्र ज्य्रेष्ठा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी बुध है इस अवधि में संचित धन एवं आय में वृद्धि होगी परिवार के साथ सम्बन्ध मधुर रहेंगे।

 

टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

कन्या– नवमेश एवं द्वितीयेश शुक्र की गोचर से तृतीय भाव में उपस्थिति के कारण संचित धन में वृद्धि होगी। नये वस्त्र एवं आभूषण की प्राप्ति होगी स्वादिष्ट व्यंजन प्राप्त होगा कुटुंब के साथ सम्बन्ध मधुर रहेंगे वाणी की मधुरता से समाज में सम्मान की प्राप्ति होगी,नये मित्र बनेंगे तहा पराक्रम के द्वारा कार्य में सफलता प्राप्त होगी भाग्य का पूर्ण सुख प्राप्त होगा अर्थात भाग्योदय का समय है।11 दिसंबर  से 13 दिसम्बर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है इस अवधि में भूमि वाहन का सुख प्राप्त होगा।दाम्पत्य जीवन सुखमय रहेगा।13 दिसंबर  से 24 दिसम्बर तक शुक्र अनुराधा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी शनि है इस अवधि में सन्तान का सुख एवं सहयोग प्राप्त होगा शत्रु पराजित होगे।24 दिसंबर से 4 जनवरी तक शुक्र ज्य्रेष्ठा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी बुध है इस अवधि में प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी,तथा शरीर स्वस्थ रहेगा।

रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते

तुला– अष्टमेश एवं लग्नेश शुक्र की गोचर से द्वितीय भाव में उपस्थिति के कारण संचित धन में आशा से अधिक वृद्धि होगी शरीर स्वस्थ रहेगा दाम्पत्य जीवन सुखमय रहेगा परिवार में मांगलिक कार्य हो सकता है आकस्मिक धन लाभ का भी योग बन रहा है नेत्र विकार से कष्ट हो सकता है राज्य से अर्थात सरकारी कार्य से मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।संगीत में रूचि उत्पन्न होगी।11 दिसंबर  से 13 दिसम्बर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है इस अवधि में शत्रु पराजित होंगे एवं नये मित्र बनेंगे।13 दिसंबर  से 24 दिसम्बर तक शुक्र अनुराधा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी शनि है इस अवधि में वाहन सुख की प्राप्ति होगी विद्या के द्वारा मान  -सम्मान प्राप्त होगा।24 दिसंबर से 4 जनवरी तक शुक्र ज्य्रेष्ठा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी बुध है इस अवधि में भाग्य का उत्तम सुख प्राप्त होगा।

 

तो,ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

वृश्चिक– व्ययेश एवं सप्तमेश शुक्र की गोचर से लग्न में उपस्थिति के परिणामस्वरूप आमोद-प्रमोद में खर्च होगा वैभव की प्राप्ति होगी। शरीर की सुंदरता में निखार आएगा दाम्पत्य जीवन सुखमय रहेगा। जिन जातकों की शादी नहीं हुई है उन्हें विवाह का अवसर प्राप्त हो सकता है। सुगन्धित पदार्थ तथा सौन्दर्य प्रसाधन की वस्तुओं के व्यापार से लाभ की प्राप्ति होगी। लंबी यात्रा का योग बन रहा है।दुराचार की प्रवृत्ति बढ़ सकती है,इस पर संयम और नियंत्रण की आवश्यकता है।11 दिसंबर  से 13 दिसम्बर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है इस अवधि में धन का लाभ होगा तथा विद्या एवं सन्तान की प्राप्ति होगी। 13 दिसंबर  से 24 दिसम्बर तक शुक्र अनुराधा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी शनि है इस अवधि में वाहन आदि का सुख प्राप्त होगा तथा मन में विकार आ सकता है।24 दिसंबर से 4 जनवरी तक शुक्र ज्य्रेष्ठा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी बुध है इस अवधि में आय की वढ़ोत्तरी हो सकती है।

ये, यो, भा, भी, भू, ध, फ, ढ, भे

धनु– आयेश एवं षष्ठेश शुक्र की गोचर से व्यय भाव में उपस्थिति के कारण मुकदमा आदि में खर्च होगा शत्रु प्रभावशाली होंगे मित्रों में वृद्धि होगी भोग-विलास में व्यय की अधिकता रहेगी। भौतिक सुख में वृद्धि होगे धन एवं अन्न दोनों की प्राप्ति का योग भी बन रहा है।सुगन्धित पदार्थों की प्राप्ति होगी शरीर स्वस्थ रहेगा। कपड़ा आदि के व्यवसाय से लाभ होगा परंतु भोग-विलास में बढ़ती रूचि के कारण धन की हानि हो सकती है।11 दिसंबर  से 13 दिसम्बर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है इस अवधि में शरीर स्वस्थ रहेगा वाहन सुख की प्राप्ति होगी।13 दिसंबर  से 24 दिसम्बर तक शुक्र अनुराधा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी शनि है इस अवधि में धन की प्राप्ति होगी।24 दिसंबर से 4 जनवरी तक शुक्र ज्य्रेष्ठा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी बुध है इस अवधि में व्यवसाय में हानि हो सकती है।

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

मकरदशमेश एवं पंचमेश शुक्र की गोचर से आय स्थान में उपस्थिति के कारण आय में वृद्धि होगी। विद्या एवं सन्तान का पूर्ण सुख प्राप्त होगा।राजकीय कार्य में सफलता प्राप्त होगी,संगीत से संबन्धित जातक को माँ-सम्मान की प्राप्ति होगी।समाज में यश की वृद्धि होगी स्त्रियॉं से मित्रता बढ़ेगी।11 दिसंबर  से 13 दिसम्बर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है इस अवधि में जातक का प्रताप बढ़ेगा,बाहरी यात्रा का योग बन रहा है।13 दिसंबर  से 24 दिसम्बर तक शुक्र अनुराधा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी शनि है इस अवधि में धन में वृद्धि होगी तथा शरीर स्वस्थ रहेगा।24 दिसंबर से 4 जनवरी तक शुक्र ज्य्रेष्ठा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी बुध है इस अवधि में पदोन्नति का अवसर प्राप्त होगा।

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा 

कुम्भ- नवमेश एवं चतुर्थेश शुक्र की गोचर से दशम भाव में उपस्थिति के कारण भूमि वाहन तथा मकान का उत्तम सुख प्राप्त होगा परन्तु माता को शारीरिक कष्ट हो सकता है। नौकरी एवं व्यवसाय में हानि हो सकती है। भाग्य का पूर्ण सुख प्राप्त होगा राजकीय कार्य में सफलता की प्राप्ति होगी।स्त्रियों के कारण कार्य में हानि का योग है।11 दिसंबर  से 13 दिसम्बर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है इस अवधि में आय की प्राप्ति होगी परन्तु भाई-बंधुओं से विरोध होगा।13 दिसंबर  से 24 दिसम्बर तक शुक्र अनुराधा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी शनि है इस अवधि में शरीर स्वस्थ रहेगा,व्यय की अधिकता रहेगी।24 दिसंबर से 4 जनवरी तक शुक्र ज्य्रेष्ठा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी बुध है इस अवधि में विद्या एवं सन्तान का सुख प्राप्त होगा परन्तु शारीरिक कष्ट हो सकता है।

 

 

 

दी दू, थ, झ, ञ दे, दो, चा, ची

मीन- अष्टमेश एवं तृतीयेश शुक्र की गोचर से नवम भाव में उपस्थिति के कारण उत्तम वस्त्र एवं आभूषण की प्राप्ति होगी,आयु का सुख प्राप्त होगा ,अर्थात शरीर स्वस्थ रहेगा जातक प्रतापी समझा जायेगा।पराक्रम के प्रभाव से भाग्य में वृद्धि होगी,अर्थात पराक्रम के द्वारा कार्य में सफलता की प्राप्ति होगी।मांगलिक एवं धार्मिक कार्य में खर्च होगा।धार्मिक यात्रा भी हो सकती है।11 दिसंबर  से 13 दिसम्बर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है इस अवधि में शरीर स्वस्थ रहेगा,तथा समाज में मान  -सम्मान प्राप्त होगा।13 दिसंबर  से 24 दिसम्बर तक शुक्र अनुराधा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी शनि है इस अवधि में यात्रा में खर्च हो सकता है,आय में वृद्धि होगी।24 दिसंबर से 4 जनवरी तक शुक्र ज्य्रेष्ठा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी बुध है इस अवधि में वाहन आदि का सुख प्राप्त होगा,दाम्पत्य जीवन सुखमय रहेगा स्त्रियों से मित्रता बढ़ सकती है।

 

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