विजयादशमी के सिद्ध समय

आश्विन शुक्ल पक्ष के नवरात्रि के पूर्णाहुति के उपरान्त विजयादशमी का आगमन होता है। विजयादशमी  सन्दर्भ में शास्त्रों में कहा गया है की विजयादशमी स्वयं एक सिद्ध तिथि है ,इस तिथि में प्रत्येक शुभ कार्य शुभ फल देने वाले होते है,इस तिथि में अन्य किसी भी प्रकार के विचार की आवश्यकता नहीं होती है। 

                                 आइये जानते हैं इस विशेष तिथि में भी  विशेष कार्य का विशेष समय क्या है –

अभिजित् मुहूर्त:- यह मुहूर्त  प्रत्येक दिन आता है और प्रत्येक दिन का यह विशेष मुहूर्त होता है,नारद पुराण में अभिजित मुहूर्त को शुभ काम के लिये उत्तम कहा गया है। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया कि,अभिजित मुहूर्त में पूजन काल में किया गया शुभ संकल्प निश्चय हीं पूर्ण होता है। विजयादशमी को यह शुभ मुहूर्त वाराणसी में हृषीकेश पंचांग के अनुसार दिन में 11:37 से  दिन में 12:24 बजे तक तथा अपराह्न काल में 01:10 से 03:30 बजे तक है। 

विजय मुहूर्त:- नये व्यवसाय को प्रारम्भ करने कचहरी के मामले और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिये यह उत्तम मुहूर्त है,इस मुहूर्त में किये गये कार्य निश्चय हीं विजय दिलाते हैं।विजयादशमी के दिन वाराणसी में हृषीकेश पंचांग के अनुसार विजय मुहूर्त का समय अपराह्न 01:57 से 02:43 बजे तक है