नवमी पूजन – तिथि एवं समय – Vedic JyotishKrti Book Service Appointment
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नवमी पूजन – तिथि एवं समय

:-नवमी पूजन कब करें:-

बासन्तिक नवरात्रि का आरम्भ हिन्दू नववर्ष का आरम्भ है।बसंत ऋतु के साथ हिन्दू नव वर्ष का आगमन माता दुर्गा की शक्ति के साथ आता है।माता सभी प्रकार के कष्टों का हरण करके अपने पुत्रों को सुखी करती है।बसंत ऋतु मानों माता की कृपा का प्रतीक बनकर हर्ष और मधु युक्त वातावरण प्रदान कर एक नयी ऊर्जा का जनमानस में संचार करता है।

चैत्र शुक्ल पक्ष से प्रतिपदा से प्रारम्भ होकर नवमी तक माता के नवरूपों की भक्तों द्वारा आराधना की जाती है।माता का अष्टम रूप महागौरी का है एवं नवां रूप सिद्धिदात्री का है।

 नवमी  पूजन अष्टमी और नवमी के सम्मिलन की रात्रि में होती है।इस सम्मिलन की रात्रि मे माता अपने नवें स्वरूप से अपने भक्तों को सिद्धि प्रदान करतीं हैं।

नवमी पूजा के नाम से प्रचलित पूजन दिनांक 01 अप्रैल की रात्रि को किया जायेगा।

2 Comments

  1. अखिलानन्द उपाध्याय says:

    सादर प्रणाम
    आपके अनुसार नवमी(महानिशा)पूजन 1अप्रैल को है जबकि उसदिन निशीथ काल मे अष्टमी नहीं है ।पञ्चाङ्गकार कहते हैं कि नवमी पूजन(महानिशापूजन) मे निशीथ काल का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।महानिशा पूजन और भवान्युत्पत्ति मे अन्तर है।अतः किस आधार पर आपके इस मत का प्रतिपादन किया जा रहा है
    मार्गदर्शन की प्रत्त्याशा

    • admin says:

      ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार अष्टमी को भवानीउत्पति और नवमी अष्टमी मुख्यत हो तब नवमी पूजन,इसी आधार से निर्णय लिया गया साथ हीं काशीस्थ पंचांगों ह्रषीकेश और महावीर के विद्वानों के मतानुसार निर्णय लिया गया,आप के विचार कि प्रत्याशा है सादर अभिनन्दन

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