गर्ग गोत्रावलम्बियों का पूर्ण विवरण

:- गर्ग गोत्र का पूर्ण विवरण:-

गर्ग गोत्र के जातकों की सुविधा हेतु पूर्ण विवरण एक जगह उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है,आइये जाने–

आस्पद- शुक्ल

प्रवर- आंगिरस,वार्हस्पत्य,भारद्वाज,श्येन,गार्ग्य

वेद- यजुर्वेद

शाखा- माध्यन्दिनीय

सूत्र- कात्यायन

उपवेद- धनुर्वेद

शिखा- दाहिनी

पाद- दक्षिण

उपास्य देवता- शिव

प्रमुख वंश- शुक्ल,तिवारी,भारद्वाज

मूल स्थान- भेड़ी,मामखोर,बकरूआ,करजहीं,कनइल,मझगावाँ,महसों,बरेही,करहुचिया,लखनौरा,पांक्तेय,महलियार,असौंजा,नगहरा,शुक्लपुरा अपांगतेय हैं।

गार्ग्य और गार्गेय भी इसी के अन्तर्गत आते हैं।इन गांवों के भी कई भेद हो गये,जैसे-

मामखोर से- सीयर,खखाइचखोर,सरांव,रूदाईन,परसा,भंटौली,छोटा सोरांव,कनईल,तलहा आदि।

महसों से- मुडेरा,बकैना,बसौढी,कटारि,झौवा,रुद्रपुर,अकौलिया,खोरीपाकर,गोपालपुर,मेहरा,सिलहटाह आदि।