अष्टमी व्रत एवं महा निशा पूजन

परिधावी नाम के बासन्तिक नवरात्रि में अष्टमी व्रत को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है,चैत्र शुक्ल पक्ष का बासन्तिक नवरात्र दिनाँक 06 अप्रैल से प्रारम्भ होकर दिनाँक 14 अप्रैल को सुबह 06:00 बजे तक पूर्ण हो रहा है।

दिनाँक 12 अप्रैल दिन शुक्रवार को कुछ लोग अष्टमी का व्रत रख रहे हैं जो कि नियम विरूद्ध है,दिनाँक 12 अप्रैल को सप्तमी दिन में 10:18 बजे तक है उसके बाद अष्टमी प्रारम्भ हो रही है जो कि अगले दिन सुबह 08:16 बजे तक है। व्रत उपवास आदि में तिथि से सम्बन्धित नियम कि –

“व्रतोपवास नियमे घटिकैकापि या भवेत् ,सा तिथिस्तद्दिने पूज्या विपरीता तु पैतृके।

अर्थात् व्रत उपवास और नियम में एक घड़ी भी जो तिथि हो,उसी को ग्रहण करना चाहिये।

दूसरे नियमानुसार “शरन्महाष्टमी पूज्या नवमी संयुता सदा,सप्तमी संयुता नित्यं शोकसन्ताप कारिणी।”

उपर्युक्त नियमों के आधार पर दिनाँक 12 अप्रैल को सप्तमी एवं 13 अप्रैल को अष्टमी का व्रत एवं महानिशा पूजन के साथ-साथ श्री रामनवमी का व्रत भी किया जायेगा।